पैरेलल सिस्टम क्या है ? | what is parallel system in Hindi (Operating System) - AvTechTrick

इस सिस्टम में कई प्रोसेसर होते हैं जो एक ही, bus,clock, memory, I/O device, का उपयोग करते हैं इस प्रकार के सिस्टम को parallel system कहते हैं



कंप्यूटर हार्डवेयर स्वयं हमारे लिए किसी भी काम को नहीं कर सकता है हमारी भाषा तथा विचारों को कंप्यूटर कभी भी किसी भी तरह से तब तक नहीं समझ सकता है जब तक कि उसे समझाने का कोई माध्यम हमारे पास ना हो उसे हमारे द्वारा बताए जाने वाले उपयोगी कार्य करवाने के लिए तथा हमारी आवश्यकता ओं को पूर्ति कराने के लिए एक मध्यस्थ की आवश्यकता थी जोकि आवश्यकताओं की जानकारी कंप्यूटर हार्डवेयर को समझा सके ऑपरेटिंग सिस्टम ऐसे ही मध्यस्थ की भूमिका निभाता है, 

Table Of Content


पैरेलल सिस्टम क्या है ?

मल्टिप्रोसेसिंग दो तरह की होती है?

  •सममित मल्टिप्रोसेसिंग

(symmetric Multiprocessing)

  •असममित मल्टिप्रोसेसिंग

(Asymmetric Multiprocessing)

Parallel सिस्टम के लाभ 

  •बढ़ी हुई क्षमता

  •बढ़ी हुई विश्वसनीयता

  •कम कीमत



पैरेलल सिस्टम क्या है इस से क्या-क्या लाभ हो सकते हैं ?

इस प्रकार के सिस्टम में कई प्रोसेसर होते हैं जो एक ही, bus,  clock, memory, input device or output device, का उपयोग करते हैं इस प्रकार के सिस्टम को parallel computers या multi कंप्यूटर या Multiprocessors कहते हैं,

इन्हें हम बंधे हुए सिस्टम भी कह सकते हैं क्योंकि इनमें एक से अधिक प्रोसेसर कंप्यूटर बस Block Memory और Peripheral Devices का उपयोग करते हुए एक दूसरे के साथ जानकारियां आदान-प्रदान होती रहती है,


मल्टिप्रोसेसिंग दो तरह की होती है?

•सममित मल्टिप्रोसेसिंग

(symmetric Multiprocessing)

•असममित मल्टिप्रोसेसिंग

(Asymmetric Multiprocessing)



•सममित मल्टिप्रोसेसिंग

(symmetric Multiprocessing)

ऐसी मल्टिप्रोसेसिंग जिसमें प्रत्येक परिसर के पास अपनी स्वयं की ऑपरेटिंग सिस्टम की प्रतिलिपि होती है तथा आवश्यकता होने पर यह प्रतिलिपि या एक दूसरे से जानकारियों का आदान प्रदान करती है सममित मल्टिप्रोसेसिंग कहलाती है। सममित मल्टिप्रोसेसिंग का लाभ है या है कि एक ही समय में कई प्रोसेस एक साथ एग्जीक्यूट हो सकती है तथा इससे सिस्टम की कार्यक्षमता प्रभावित नहीं होती है इस सिस्टम की कमजोरी यह है कि हमें इनपुट आउटपुट को सावधानीपूर्वक नियंत्रित करना होता है क्योंकि सीपीयू अलग अलग है और उन्हें कोई नियंत्रित करने वाली डिवाइस नहीं है जिससे यह संभव है कि एक सीपीयू कोई कार्य न कर रहा हो जबकि दूसरे के पास बहुत अधिक कार्य हो अतः कार्य को उचित प्रोसेसर तक पहुंचाना होता है,


•असममित मल्टिप्रोसेसिंग

(Asymmetric Multiprocessing)

ऐसी मल्टिप्रोसेसिंग जिसमें प्रत्येक परिसर को एक विशिष्ट कार्य दिया जाता है असममित मल्टिप्रोसेसिंग कहलाती है इसमें प्रोसेसर के बीच मास्टर Slave का संबंध होता है मास्टर प्रोसेसर Slave प्रोसेसर को कार्य देता है जहां मुख्य रूप से इनपुट आउटपुट की प्रोसेस का बड़ा कार्य होता है वहां असममित मल्टिप्रोसेसिंग का उपयोग किया जाता है इनमें कई प्रोसेसर केवल यूजर के इनपुट पर क्रियाएं करते हैं और प्रोसेसिंग का कार्य एक या एक से अधिक केंद्रीय Processor के द्वारा किया जाता है,


Parallel सिस्टम के लाभ :

A) बढ़ी हुई क्षमता :

मल्टिप्रोसेसिंग में प्रोग्राम के विभिन्न हिस्सों को एक साथ एग्जीक्यूट किया जा सकता है इससे कंप्यूटर की कार्य करने की क्षमता बढ़ती है इस सिस्टम में एक निश्चित समय में कई प्रोग्रामों को एग्जीक्यूट किया जा सकता है तथा एक प्रोग्राम के एग्जीक्यूशन शुरू होने से लेकर पूरे होने तक का समय भी कम होता है,


B) कम कीमत :

कई अलग-अलग सिस्टम ओं की तुलना में मल्टिप्रोसेसर सिस्टम की कीमत कम होती है, क्योंकि इनमें विभिन्न रिसोर्सेज ऐसे मेमोरी इनपुट /आउटपुट डिवाइसेज इत्यादि का उपयोग सभी प्रोसेसर करते हैं,


C) बढ़ी हुई विश्वसनीयता :

इस सिस्टम में यदि एक सीपीयू खराब होता है तब अन्य सीपीयू सीपीयू का कार्य भी करने लगते हैं अतः इस प्रकार के सीपीयू के पूरी तरह से बंद होने की संभावना बहुत कम होती है अर्थात सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ती है यदि एक सिस्टम में 10% है तब एक प्रोसेसर के खराब होने पर पूरे सिस्टम की कार्य क्षमता केवल 10% कम होती है,





और नया पुराने